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Fuel price rise impact: खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के असर से बढ़ी तेल की कीमतों ने भारतीय बाजार में तहलका मचा रखा है। देश में बढ़ती महंगाई ने एक बार फिर आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है। अप्रैल महीने में थोक महंगाई दर 8.3% पर पहुंच गई, जो पिछले 42 महीनों में सबसे ज्यादा है। मार्च में यह दर 3.88% थी। 

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गोल्ड, दूध, सीएनजी और अब पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की जेब पर चौतरफा असर डाल रखा है। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक ईंधन और ऊर्जा से जुड़े उत्पादों की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। हवाई जहाजों में इस्तेमाल होने वाला एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की थोक कीमत भी अप्रैल में मार्च के मुकाबले दोगुनी से ज्यादा हो गई। वहीं नेफ्था 67%, फर्नेस ऑयल 46% और बिटुमेन 39% महंगा हो गया।

नेफ्था का इस्तेमाल प्लास्टिक, पेंट और कई उद्योगों में होता है, जबकि बिटुमेन सड़कों के निर्माण में उपयोग किया जाता है। ऐसे में निर्माण और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर भी दबाव बढ़ने लगा है।

रोजमर्रा के सामान मंहगे

एलपीजी की बढ़ती कीमतों से जहां बाजार में पहले से ही खाने-पीने के सामान महंगे हो चुके है। कई जरूरी खाद्य सामानों की कीमतों में अच्छी-खासी बढ़ोतरी हुई है। मूंगफली गिरी का दाम 160 रुपये से बढ़कर 200 रुपये प्रति किलो हो गया है।

रिफाइंड ऑयल 135 रुपये से बढ़कर 148 रुपये प्रति लीटर और सरसों तेल 170 रुपये से बढ़कर 190 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं पीली सरसों तेल का दाम 210 रुपये से बढ़कर 230 रुपये हो गया है। चावल की कीमत भी बढ़ी है, जो पहले 60-120 रुपये प्रति किलो थी, अब 70-130 रुपये तक पहुंच गई है।

जीरा 300 रुपये से बढ़कर 360 रुपये प्रति किलो हो गया है। चायपत्ती का दाम 500 रुपये से बढ़कर 545 रुपये हो गया, जबकि सूखा धनिया 180 रुपये से बढ़कर 220 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है। इसके अलावा लाल मिर्च 300 रुपये से बढ़कर 350 रुपये और हल्दी पाउडर 210 रुपये से बढ़कर 250 रुपये प्रति किलो हो गया है।

वहीं एक बार फिर से कीमतें बढ़ने के आसार है, क्योंकि अप्रैल 2026 में पेट्रोल की थोक कीमत 24%, हाई स्पीड डीजल 17%, प्राकृतिक गैस 15%, केरोसिन 12% और एलपीजी 10% तक महंगी हुई है।

इसका असर ट्रांसपोर्ट लागत पर पड़ रहा है, जिससे रोजमर्रा के सामान भी धीरे-धीरे महंगे होने लगे हैं। आम लोगों के इस्तेमाल की चीजों में प्लास्टिक टेप 12%, एल्युमिनियम फॉयल 7%, प्लास्टिक बैग 5% और सिगरेट 5% महंगी हुई हैं। 

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर दबाव

फ्यूल और पावर कैटेगरी में महंगाई दर अप्रैल में बढ़कर 24.71% पहुंच गई, जो मार्च में सिर्फ 1.05% थी। वहीं मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की महंगाई भी 4.62% तक पहुंच गई है।

केमिकल सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। फ्थैलिक एनहाइड्राइड 22%, अमोनिया लिक्विड 19%, अमोनियम नाइट्रेट और नाइट्रिक एसिड 15% तक महंगे हो गए हैं।

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